प्रकाशन

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अप्रकाशित तथा अनुपलब्ध दुर्लभ वैदिक वाङ्मय का प्रकाशन अत्यन्त अपरिहार्य कार्य है। ग्रन्थ ज्ञान के अत्यन्त एवं अनन्य साधन होते हुए ज्ञान की अक्षय निधि भी है। इस अक्षय निधि का निरन्तर मुद्रण एवं प्रकाशन हो यही इस विभाग का परम लक्ष्य है।

विद्वानों तथा शोधकर्ताओं के उच्चतम विचारों को पुस्तकाकार प्रदान करना इस विभाग का प्रमुख उद्देश्य है। जिससे समस्त विश्व के चिन्तनशील व्यक्तियों तक वेद वा आध्यात्म का ज्ञान पहुँच सके। भारतीय विज्ञानदपर्णम, अनेक छात्रों के आलेख एवं विधार्थी जीवन निर्माण आदि का प्रकाशन इसका जीवन्तरूप है।

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